


अगर कोई दहेज की मांग करता है तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की बेगुनाह लोगों को इस कानून की आड़ में फंसाया जाए। उन्हें उस जुर्म की सजा दी जाए जो उन्होंने किया ही नहीं।
09:22 PM, May 13, 2012बेबसी, निराशा… जिंदगी से हार जाने की इंतहां है। बेबस, निराश, हार मानने वाले भी कौन, वो नौजवान जो लाखों को पीछे छोड़कर हमारे देश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट में दाखिला लेते हैं, आईआईटी के मुश्किल इम्तिहान को पास करते हैं लेकिन क्या हो जाता है उनके साथ कि वो जिंदगी के इम्तिहान में हार जाते हैं...?
12:01 PM, May 06, 2012हर मां के लिए अपने बच्चे की शादी का दिन शायद सबसे खास दिन होता होगा लेकिन क्या बीतेगी उस मां पर जिसका बच्चा उसके सपनों को जी ही ना सके। उसका बेटा किसी लड़की से नहीं बल्कि एक लड़के से प्यार करने लगे, उसकी बेटी को किसी लड़के के बजाय एक लड़की के साथ वक्त बिताना अच्छा लगता हो।
12:52 PM, Apr 29, 2012इन्होंने पैसा तो खूब कमाया लेकिन साथ ही वो नाम भी जो इनकी पहचान बना। इनके दोस्त इन्हें कहते हैं ‘गॉड तुसी ग्रेट हो’... ऐसी शख्सियतें कामयाबी के पीछे नहीं बल्कि कामयाबी ऐसी शख्सियतों के पीछे भागती है।
12:58 PM, Apr 22, 2012इनकी पहली फिल्म ने हमें जादू की झप्पी देकर प्यार का इजहार करना सिखाया, ये याद दिलाया की हाथ मिलाते मिलाते शायद हम दिल मिलाना भूल गए हैं...ये अहसास कराया कि आज भी हर मर्ज का इलाज है एक जादू की झप्पी...
01:22 PM, Apr 15, 2012हर साल 300 जवान नक्सलियों की गोली का शिकार बनते हैं। देश के लिए कुर्बानी देने वाले इन बहादुरों को कोई नहीं जानता।
01:28 PM, Apr 01, 2012
एनटी अवॉर्ड में लगातार चौथी बार जिंदगी लाइव को बेस्ट न्यूज टॉक शो के अवार्ड से नवाजा गया। इसके साथ ही जिंदगी लाइव ने एक बार फिर कामयाबी का झंडा बुलंद किया है।
09:11 AM, Mar 29, 2012जेब में सिर्फ 340 रुपये और मायानगरी की अंतहीन दुनिया...कानपुर से आंखों में सपने और चंद रुपयों के साथ राजीव कुछ यूं निकले थे।
12:08 PM, Mar 18, 2012पिछली बार आप कब खुलकर हंसे थे...जोर-जोर से हंसे थे...पेट पकड़कर हंसे थे... इतना हंसे थे की आखों में आंसू आ गए।
01:00 PM, Mar 11, 2012गुजरात दंगों को इस महीने 10 साल पूरे हो रहे हैं। दस साल का वक्त बहुत होता है जिंदगी बदलने के लिए।
06:07 PM, Feb 26, 2012जिंदगी लाइव में आज बात उन चंद तस्वीरों की जो टेलीविजन पर, अखबारों के किसी कोने में, दीवारों पर, रास्तों पर पोस्टर बनकर चश्पा रहते हैं।
12:43 PM, Feb 19, 2012क्या आप जानते हैं श्यामा कौन हैं...शकीला को पहचानते हैं आप...जबीन का नाम पहचाना लगता है...देखिए जिंदगी लाइव।
01:33 PM, Feb 12, 2012मैं एक समलैंगिक हूं। ये बताने में मुझे गर्व होता है कि मैंने एक लड़की से शादी की है।
01:06 PM, Feb 05, 2012सड़क पर लोगों के जूते पॉलिश करने वाले और अखबार बेचने वाले लोगों के बेटे आईआईटी में सिलेक्ट हो गए।
02:17 PM, Jan 29, 2012कोई भी मता पिता ये सोचना तक नहीं चाहते कि उनका बेटा समलैंगिक है। लेकिन न सोचने या सवाल से बचने से सच बदल तो नहीं जाता।
01:23 PM, Jan 22, 2012


