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चीन में कन्फ्यूशियस बनाम सांता क्लॉज की जंग

Updated Jan 01, 2007 at 08:39 am IST |

 

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
27 दिसंबर 2006

बीजिंग। चीन में ईसाइयों के त्यौहार क्रिसमस की बढ़ती लोकप्रियता ने चीनी राष्ट्रवादियों की चिंता बढ़ा दी है। अब चीन में यह बहस जोर पकड़ती जा रही है कि चीन की पहचान सांता क्लॉज से होनी चाहिए या कन्फ्यूशियस से।

क्रिसमस, वेलेंटाइन डे आदि की बढ़ती लोकप्रियता को चीनी संस्कृति पर पश्चिमी देशों के हमले के तौर पर देखा जा रहा है। कई चीनियों का मानना है कि यह चीन की अपनी सांस्कृतिक पहचान के खो जाने के खतरे की ओर इंगित करता है।

सरकारी मीडिया अब यह सवाल उठा रहा है कि चीनियों को कन्फ्यूशियस या सांता क्लॉज में से किसे चुनना चाहिए? कई इंटरनेट फोरम की ओर से भी लोगों से ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं।

जैसे-जैसे पश्चिमी त्यौहारों और छुट्टियों की लोकप्रियता बढ़ रही है, चीनी चंद्र नववर्ष, ड्रैगन बोट फेस्टिवल आदि पारंपरिक आयोजनों के प्रति युवा चीनियों की उदासीनता बढ़ रही है।

कम्युनिस्ट पार्टी के दैनिक अखबार पीपुल्स डेली के मुताबिक अपनी संस्कृति के प्रति बढ़ती उदासीनता खतरे का संकेत है।

चीन के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के 10 शोध छात्रों ने सरकार को एक ऑनलाइन आवेदन भेजा है जिसमें कहा गया है कि सांताक्लॉज को बाहर का दरवाजा दिखाया जाए और कन्फ्यूशियस व दूसरी चीनी सांस्कृतिक हस्तियों की महत्ता बढ़ाई जाए।

छात्रों ने लोगों से अपील की है कि वे पश्चिमी संस्कृति को अपनाने से परहेज करें। इसमें कहा गया है कि अधिकांश चीनियों को यह नहीं मालूम है कि क्रिसमस क्यों मनाया जाता है, फिर भी लोग पश्चिमी संस्कृति के प्रवाह में बहकर ऐसे त्यौहार को मनाते हैं।

इंटरनेट पोर्टल साइना.कॉम की बहस में 43 हजार लोगों ने हिस्सा लिया है। इस सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 53 फीसदी लोगों ने क्रिसमस का बहिष्कार किए जाने पर जोर दिया जबकि 30 फीसदी का मानना है कि इसे सामुदायिक मुद्दा नहीं बल्कि निजी मुद्दा माना जाना चाहिए।

 

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पाठकों की राय | 01 Jan 2007

Dec 24, 2007

आज चीन ही नहीं अपीतु भारत जैसे देशों के सामने भी यही संकट मौजूद है पश्चिमी देश की तकनीक को अपनाते हैं तो साथ ही साथ उनकी संस्कृति को भी अपनाने की असफल कोशिश करते हैं और त्रिशंकु बन कर रह जाते हैं. भारत मे यदि कोई व्यक्ति या संस्था वैलेंटाइन दे या फ़ादर्स दे मदर्स दे का विरोध करता है तो उसे हिंदुत्ववादी का नाम दे दिया जाता है.

diwakar mumbai


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