मुंबई पर आतंकी हमले को करीब एक साल हो चुके हैं। इस मौके पर IBN7 आपके सामने ला रहा है उन लोगों की दास्तान जिन्हें 26 नवंबर की तारीख ने गहरे जख्म दिए हैं। एक ऐसी काली रात जिसने कइयों के घरों की रोशनी बुझा दी, कइयों के सुहाग को उजाडा़ तो कइयों के सहारे छीन लिए। इस सेक्शन में हम आपको रूबरू कराएंगे हादसे के शिकार हुए परिजनों से।
26/11 में मारे गए नागरिकों और शहीदों के लिए शोक संदेश भेजें
खूनी 26/11 को एक साल पूरा होने को है। धीरे-धीरे हर भारतीय को वही यादें घेरने लगी हैं। मुंबई पर आतंकियों का धावा, कई निर्दोष लोगों की मौत का मंजर, हर तरफ अफरा तफरी, काम्टे, करकरे, सालस्कर, उन्नीकृष्णन के चेहरे तेजी से हर तरफ घूमने लगे हैं। वक्त जरूर बीता पर बिना किसी वजह मारे गए कई नागरिकों को लेकर देश आज भी सन्न है। आप भी शोक संदेश भेजकर इस अवसर पर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। संदेश भेजें।

देखें: 26/11 की यादें, जो लौट के घर न आए 
आज 26/11 के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा मुंबई एक जुट है।

शहीद तुकाराम को नम आंखों से श्रद्धाजंलि दी 
श्रद्धांजलि देने वालों में पुलिस की वो टीम भी थी, जिसने आतंकी कसाब को पकड़ा था।

देखें: साठ मिनट में... 26/11 के साठ घंटे की कहानी 
गुरुवार को मुंबई पर हुए 26/11 हमले को एक साल पूरा हो रहा है।

मुंबई हमले की संगीन साजिश का पूरा सच 
मुंबई हमले की पहली बरसी के मौके पर देखिए इस संगीन साजिश का पूरा सच।

26/11 को शहीद इंस्पेक्टर सालस्कर की कुर्बानी याद आई 
मुंबई हमले में शहीद हुए जांबाज जवानों-अफसरों को श्रद्धांजलि दें।

देखें: 26/11: आतंक के वो साठ घंटे (पार्ट-2) 
अनकही कहानी के दूसरे पार्ट में देखिए होटल ओबेरॉय में तबाही।

मुंबई हमले की पूरी साजिश कसाब की जुबानी 
मुंबई को खून से नहलाने की गहरी साजिश का हर तार खुद खोल रहा है कसाब।

26/11: आतंक के वो साठ घंटे (पार्ट-1) 
उन 60 घंटों की कहानी के पहले पार्ट में देखिए मुंबई की शान होटल ताज में तबाही।

26/11 की वर्षगांठ से पहले सक्रिय हुआ फोर्स वन
अशोक चव्हाण ने कहा कि'फोर्स वन' मुंबई को और सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।

मुंबई में एक शहादत को नहीं मिला कोई नाम
सुशील की शहादत को कोई नाम नहीं मिला, क्योंकि वे वर्दीधारी जवान नहीं थे।

ताज में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर संदीप 
मेजर संदीप की दास्तान आने वाली पीढ़ियों में भी देशभक्ति का जज्बा पैदा करती रहेगी।

कसाब की एके-47 के आगे सीना ताने थे तुकाराम 
गोलियों से छलनी होने के बावजूद तुकाराम ने कसाब को भागने का मौका नहीं दिया।




























