हिमाचल प्रदेश के नूरपूर की वादियों में रावण ने सालों तक शिव की अराधना की थी। रावण की तपस्या से जब भगवान शिव खुश होकर प्रकट हुए और वर मांगने के लिए कहा तो रावण ने कहा कि इस गुफा में सैकड़ों शिवलिंग हैं। लेकिन एक जो सबसे बड़ा शिवलिंग उसे मैं अपने साथ ले जाना चाहता हूं।
रावण ने सालों तक की थी शिव की अराधना 
रावण की तपस्या से जब भगवान शिव खुश होकर प्रकट हुए और वर मांगने के लिए कहा तो रावण ने कहा कि इस गुफा में सैकड़ों शिवलिंग हैं। लेकिन एक जो सबसे बड़ा शिवलिंग उसे मैं अपने साथ ले जाना चाहता हूं।

रावण शिव की शक्ति से प्रभावित 
नूरपूर के पहाड़ियों पर ही भगवान शिव ने लंकापति रावण को सैकड़ों सालों तक अपने पैरों के नीचे दबा रखा था।

शिव कृपा से रावण सबसे शक्तिशाली 
बैजनाथ से जब शिवलिंग को रावण ले जा नहीं पाया तो चिन्ता में पड़ गया था।

























