IBN7 पर सोमवार से शनिवार तक दोपहर 3.30 बजे और शाम 7.30 बजे आने वाला आधे घंटे का ये खास कार्यक्रम समर्पित है धर्म-कर्म, अध्यात्म, पौराणिक महत्व की चीजों और आस्था से जुड़े प्रतीकों को।
देखें: शिवलिंग रूप में शिव का नीला कंठ 
शिव यानि जो अजन्मा है, अनन्त है, अव्यक्त है। इस देश में एक ऐसी जगह है जहां आपको भगवान शिव के ऐसे रूप के दर्शन होते हैं जो बताता है कि क्यों शिव सभी देवताओं में श्रेष्ठ - देवाधिदेव महादेव हैं। देखिए भगवान भोले का वो स्थान जहां पास ही बहती है उनकी जटाओं से निकली पवित्र गंगा और जहां विराजमान है शिवलिंग रूप में स्थापित भगवान शिव का नीला कंठ... जिसके बाद वो कहलाए नीलकंठ।

...इसलिए नहीं की जाती ब्रह्मा जी की पूजा! 
पुष्कर जैसा ब्रह्मा जी का पौराणिक मंदिर कहीं दूसरी जगह कम ही देखने को मिलता है।

श्रृंगवेरपुर: वो जगह जो राम के जन्म की वजह बनी 
इसका जिक्र वाल्मीकि रामायण में बहुत गहराई के साथ किया गया है।

जहां सूखते थे सीता के कपड़े 
दंडकारण्य में कई जगह पुरुषोत्तम राम के वनवास से जुड़ी चीजें देखने को मिलती हैं।

जटायु ने लिया था रावण से लोहा 
सबसे पहले जटायु ने ही रावण से लोहा लिया था। रावण से लड़ाई में जटायु जख्मी हो गया।

राम-सीता का सीतारामचंद्र मंदिर 
गोदावरी नदी के तट पर बसा भद्राचलम शहर सीतारामचंद्र मंदिर के लिए मशहूर है।

कुंआरी लड़कियां भी रख रही हैं करवाचौथ व्रत 
करवाचौथ कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी में मनाया जाता है।

यहां जो भी राम बना, अगले दशहरे तक नहीं बचा!
जब लोग मरने लगे तो दोबारा रामलीला करने की हिम्मत नहीं हो सकी।

गंगा की कहानीः मानो तो मां, न मानो तो पानी! 
भागीरथ नाम के एक राजा अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर उतार लाए।
































