उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की सोन नदी के किनारे खड़ा बीर लोरिक का पत्थर सतयुग की एक प्रेम कथा को अपने में समेटे है। कहानी है कि इस नदी के किनारे सतयुग में अगोरी नाम का एक राज्य था। उस राज्य के राजा का नाम मोलागत था। मोलागत को उन्हीं की राज्य में रहने वाला मेहरा नाम का एक यादव युवक पसंद नहीं आता था। क्योंकि मेहरा बलशाली था।
सतयुग की प्रेम-निशानी पत्थर 
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की सोन नदी के किनारे खड़ा बीर लोरिक का पत्थर सतयुग की एक प्रेम कथा को अपने में समेटे है। कहानी है कि इस नदी के किनारे सतयुग में अगोरी नाम का एक राज्य था। उस राज्य के राजा का नाम मोलागत था। मोलागत वैसे तो बहुत अच्छे राजा थे लेकिन उनके ही राज्य में रहने वाला मेहरा नाम का एक यादव युवक उन्हें पसंद नहीं आता था। क्योंकि मेहरा बलशाली था।

























