आईबीएन7 अपने खास कार्यक्रम KINGS & QUEENS में दिखा रहा है राजनीति के कुछ दिग्गजों का सियासी सफरनामा और 15वीं लोकसभा के चुनावों में उनकी अहमियत। ये वो अहम किरदार हैं जो या तो सीधे तौर पर प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं या उनमें दावेदारों को गद्दी पर बैठाने-गिराने का माद्दा है।
मनमोहन सिंह...एक योद्धा! 
महाभारत का आखिरी चरण। भीम और दुर्योधन अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे थे। कृष्ण को लगा कि शायद इस तरह तो ये युद्ध कभी खत्म नहीं होगा और भीम शायद ही दुर्योधन को हरा पाए। उन्होंने चुपचाप भीम को बताया कि विरोधी का कौन सा हिस्सा सबसे कमजोर है। किस्मत की बात भीम को कृष्ण की सलाह जंच गई और एक ही वार में दुर्योधन जमीन पर था। 2009 की चुनावी महाभारत के भीम थे मनमोहन सिंह और उनकी कृष्ण थीं सोनिया गांधी। आडवाणी को मुंह की खानी पड़ी।

लालू प्रसाद यादव....बत्ती गुल! 
लालू ने बिहार के बच्चों को अपनी जिंदगी से सबक लेने के लिए कई फॉर्मूले बताए थे

सोनिया गांधी... एक इत्तिफाकन गांधी 
कांग्रेस पार्टी बेशक अपनी रफ्तार कायम न रख सकी लेकिन सोनिया आगे बढ़ गईं।

राहुल को साबित करनी होगी गांधी सरनेम पर दावेदारी 
राहुल अभी भी उस सरनेम को हासिल करने की तैयारी में हैं जिसे गांधी कहा जाता है।

दंगों के दागी मोदी के मुरीद भी कम नहीं 
मोदी आज भारतीय जनता पार्टी के भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद हैं।

लालू का सफर, गली के छोरे से लेकर हॉवर्ड गुरु तक 
लालू की चाहत का आलम ये है कि पाकिस्तान में भी उनकी बात होती है।


























