
नेतागिरी बच्चों का खेल नहीं लेकिन अब ये बात कहीं न कहीं गलत साबित होती दिख रही है। आज देखें तो बहुत से नौजवान नेतागिरी में उतर चुके हैं। मिसाल के तौर पर सचिन पायलेट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राहुल गांधी। ये सभी आज की पीढ़ी के युवक हैं और देश की बागडोर संभाल रहे हैं। युवकों में जोश और कुछ कर दिखाने का जो जज्बा के कारण ही जनता इन्हें अपना नेता चुनने से नहीं हिचकती। तो इस सेक्शन में आप जान सकेंगे कि हमारी युवा पीढ़ी के नेता कैसे हैं।
पीएम बना तो भ्रष्टाचार खत्म करूंगा: स्वांई 
बालासोर से बीजेपी सांसद खरबेला स्वांई को अगर एक दिन के लिए प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो वो भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर देंगे। इसके अलावा बीजेपी के इस युवा सांसद की और भी कई ख्वाहिशें हैं। सवाल- आपकी सबसे बड़ी ताकत क्या है? खरबेला स्वांई – साहस। सवाल- आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है? खरबेला स्वांई - कभी-कभी क्रोधित हो जाता हूं। सवाल- लोगों में कौन सी बात आप नापसंद करते हैं?

संयम ही ताकत, संयम ही कमजोरी 
मिलिंद देवड़ा ने कहा- सबसे पहले भारतीय, फिर सांसद और फिर एक कांग्रेसी हूं।

सच बोलना मेरी कमजोरी हैः लाल सिंह 
जम्मू और कश्मीर के ऊधमपुर से युवा सांसद चौधरी लाल सिंह से सवाल-जवाब।

कोई रास्ता ढूंढ लेंगे, न मिला तो बना लेंगे 
माकन को लगता है कि आजकल नेताओं के ऊपर से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है।

मेरी पार्टी मेरी सबसे बड़ी ताकत: सुले 
सुले का कहना है कि जब विपक्ष आतंकवाद पर राजनीति करता है तो उन्हें अच्छा नहीं लगता।

चाटुकारिता मुझे पसंद नहीं: संदीप दीक्षित 
एक स्तर से ज्यादा अपने आपको राजनैतिक नहीं समझ पाता हूं ये मेरी कमजोरी है।

मैं पीएम बनने का ख्वाब नहीं देखता: शाहनवाज 
शाहनवाज ने कहा- विपक्ष में बैठे नेता हमारे किसानों और युवाओं के लिए कुछ नहीं कर पाए।

प्रिया को पसंद है- अजीब दास्तां है ये... 
सवाल- विपक्ष में आपकी पसंदीदा शख्सियत कौन है? प्रिया दत्त- अटल बिहारी वाजपेयी।

नवीन जिंदल के फेवरेट महिला नेता इंदिरा गांधी 
कांग्रेसी युवा सांसद नवीन जिंदल के फेवरेट महिला नेता इंदिरा गांधी।

राहुल गांधी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर
राहुल ने महात्मा गांधी के जन्म स्थल कीर्ति मंदिर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।


























