सिटिजन जर्नलिस्ट बनी शेफाली सेवक पेशे से वकील हैं। इन्होंने लड़ाई लड़ी अपने ऑफिस के करीब बने एक नामी होटल के खिलाफ जिसने सार्वजनिक पार्किंग स्थल को अपने कब्जे में ले लिया था।